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    क्यों आइफोन बेहतर है एंड्रॉयड फोन से. ...





    एंड्रॉयड फोन अपने ऑपरेटिंग सिस्टम, उसके अपग्रेडेशन, कस्टमाइजेशन और फ्री ऐप्स की वजह से वाकई अच्छे हैं। लेकिन फिर भी ऐसा क्यों है कि लोग आइफोन को एंड्रॉयड से बेहतर मानते हैं। यदि आप इसी दुविधा में हैं कि आइफोन और एंड्रॉयड में से अच्छा कौन सा है तो हम आपको 9 ऐसे कारण बता रहे हैं,जो आपको फैसला लेने में मदद कर सकते हैं।

    1. बेहतर डिजाइनअगर एचटीसी वन और जियाओमी एमआई नोट को छोड़ दें, तो एंड्रॉयड में ऐसा कोई फोन नहीं है, जिसे गुड लुकिंग कहा जा सके।वहीं आइफोन में आपको बेहतरीन डिजाइन का विकल्प मिलता है।

    2. कुछ ही एंड्रॉयड कैमरे हैं, जिनकी तुलना आइफोन 6एस से की जा सकती हैएंड्रॉयड में ऐसे फोन बहुत कम हैं, जिनका कैमरा आइफोन 6 (सैमसंग गैलेक्सी नोट 4 को छोड़ दें तो) जितना बेहतर हो। आइफोन 6एस के कैमरे से आप अच्छी से अच्छी तस्वीरें खींच सकते हैं तथा स्लोमोशन वीडियो भी रिकॉर्ड कर सकते हैं।साथ ही ऐसी अफवाहें हैं कि अब जो आइफोन लॉन्च होगा, उससे डीएसएलआरकैमरे जैसी तस्वीरें खींची जा सकेंगी।




    3. आइफोन का फिंगरप्रिंट सेंसरसैमसंग और एचटीसी ने अपने कुछ स्मार्टफोन्स में फिंगरप्रिंट्स सेंसर का फीचर दिया है। लेकिन उनमें से किसी का भी फीचर आइफोन के टचआईडी जैसा कारगर नहीं है। कुछ साल पहले एपल ने अथेंटेक नाम की कंपनी को मोबाइल डिवाइसेस के लिए फिंगरप्रिंट सेंसर्स विकसित करने का काम सौंपा था। तब से अब तककोई भी कंपनी टचआईडी का मुकाबला नहीं कर सकी है।

    4. अच्छे ऐप्स सबसे पहले आइफोन के लिएयह सच है कि आइफोन का मार्केट शेयर एंड्रॉयड के मुकाबले कम है, लेकिन यह भी सच है कि बेस्ट ऐप्स सबसे पहले आइफोन के लिए बनाए जाते हैं। इसके बाद उसी तरह के ऐप्स एंड्रॉयड में भी मिलने लगतेहैं। लेकिन एंड्रॉयड ऐप्स में उतने अच्छे फीचर्स नहीं होते हैं, जितने आइफोन ऐप्स में होते हैं। यदि आप चाहते हैं कि आपके फोन में बेस्ट ऐप्स हों तो, आपका फोन भी आइफोन होना चाहिए।




    5. अप-टू-डेट सॉफ्टवेयरगूगल और आइफोन, दोनों ही साल में लगभग एक ही बार अपने ओएस का नया वर्जन लॉन्च करती हैं। लेकिन अधिकांश एंड्रॉयड यूजर्स उसका लाभ तब तक नहीं ले सकते हैं, जब कि वो नए हार्डवेयर वाला फोन न खरीद लें। एपल का आईओएस अपडेट करने के लिए नया फोन खरीदने की जरूरत नहीं होती है।आइफोन यूजर्स बिना हार्डवेयर को बदले हुए नया आईओएस अपडेट कर सकते हैं।

    6. उम्दा ग्राहक सेवाअगर आपके एंड्रॉयड फोन में समस्या आती है तो आप कहां जाते हैं? सर्विस सेंटर। लेकिन आइफोन यूजर्स को एपल स्टोर जाना पड़ता है। यदि आपको फोन में कोई भी दिक्कत महसूस होती है तो आपको बस स्टोर को इसकी जानकारी देनी होतीहै, इसके बाद सर्विसिंग की जरूरत हुई तो ठीक वरना पूरा का पूरा फोन भी रिप्लेस कर दिया जाता है। लेकिन एंड्रॉयड फोन यूजर्स को यहसुविधा नहीं मिलती है।




    7. आइफोन पर अभिभावक भी रख सकते हैं नियंत्रणआईओएस8 में एपल ने फैमिली शेयरिंग नाम का एक खास फीचर दिया है, जिससे आप किताबें और अन्य कंटेंट को अपने परिवार के बाकी सदस्यों के साथ शेयर कर सकते हैं। यदि कोई ऐप आपके घर के किसी सदस्य के लिए अच्छा नहीं है तो फैमिली शेयरिंग के जरिये उसे ब्लॉक भी कर सकते हैं।

    8. एपल पेहालांकि एपल पे अभी अपने शुरुआतीदिनों में है लेकिन फिर भी कंपनी ने इस पेमेंट प्लेटफॉर्म को ईजी-टू-यूज बनाया है। कई बड़े रिटेलर्स इस सर्विस को यूज भी करने लगे हैं। एपल की इस सर्विस को सभी बड़ी क्रेडिट कार्ड कंपनियों और बैंकों का साथ मिला हुआ है। जल्द ही यह सुविधा भारत में भी लॉन्च होने वाली है।

    9. जल्द ही घर भी बन जाएगा आइस्मार्टएपल स्मार्ट होम प्लेटफॉर्म किट विकसित कर रहा है। इसके जरिये आप अपने घर की कई चीजों को नियंत्रित कर सकेंगे। मसलन घर कीलाइट्स और अप्लाइंसेस को आप अपनेआइफोन या आइपैड से ही कंट्रोल कर सकेंगे। उम्मीद है कि इस साल यह किट बाजार में आ जाएगी।



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