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    iOS की कुछ आम दिक्कतों को ऐसे ठीक करें





    ऐपल ने कुछ शानदार सॉफ्टवेयर डिजाइन किए हैं और इसका iOS स्टेबिलिटी के लिए जाना जाता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि इनमें कोई दिक्कत नहीं हो सकती। करण बजाज और हितेश राज भगत बता रहे हैं कि आईओएस की कुछ आम दिक्कतों को कैसे दूर किया जा सकता है...
    बैटरी जल्द खत्म हो जाती है? आईपैड में तो शानदार बैटरी बैकअप है, लेकिन आईफोन यूजर्स को अक्सर बैटरी जल्द खत्म होने की शिकायत होती है। कुछ सेटिंग्स में हेर-फेर करके बैटरी लाइफ थोड़ी बढ़ाई जा सकती है। डिस्प्ले के लिए ऑटो ब्राइटनेस स्विचऑफ करके उसे 50 फीसदी या कम पर सेट किया जा सकता है। बैकग्राउंड में चलने वाले ऐप्स को हर घंटे बंद करना बेहतर होगा। लोकेशन सर्विस बंद करने से भी फायदा होगा। अगर आप और ज्यादा बैकअप चाहते हैं, तो पोर्टेबल पावर बैंक या ऐसे कवर ले सकते हैं, जिनमें बैटरी फिट होती है।




    सिर्फ एक कंप्यूटर से सिंक? डिवाइस में सिंगल कंप्यूटर से सिंक करने की लिमिटेशन होती है। डिवाइस को दूसरे कंप्यूटर से सिंक करने पर आईट्यूंस डेटा गायब होने की चेतावनी मिलती है। इसका एक आसान तरीका है। आईओएस डिवाइस को सिंक वाले कंप्यूटर से कनेक्ट करें। मेन पेज पर 'मैनुअली मैनेज म्यूजिक ऐंड विडियोज़' सिलेक्ट करें। इसके बाद आईट्यूंस फोल्डर को यूएसबी ड्राइव में कॉपी करें। मैक ओएस एक्स में यह म्यूजिक फोल्डर में होता है। विंडोज़ में यह My Music > iTunes में होता है। इसे दूसरे कंप्यूटर में सेम लोकेशन पर सेव करें। उसमें पहले से आईट्यूंस फोल्डर हो, तो उसको रिप्लेस करें। इसके बाद जब भी आप दूसरे कंप्यूटर से डिवाइस सिंक करेंगे, यह बिना किसी दिक्कत के चलेगी।




    लिमिटेड स्टॉरेज? आईओएस डिवाइस 16, 32 और 64 जीबी की फिक्स्ड स्टॉरेज कपैसिटी के साथ आते हैं। 16 जीबी स्टॉरेज में लगभग 12 जीबी ऐप्स और फोटो, विडियो और म्यूजिक में चला जाता है। कुछ गेम 1 जीबी से ज्यादा स्पेस लेते हैं। ऐसे में स्टॉरेज कपैसिटी तुरंत फुल हो जाती है। आईओएस में टेंपररी फाइल, कैश, कुकीज़ और कई फाइल्स जमा होती जाती हैं। कुछ महीनों के इस्तेमाल के बाद ये फाइल्स 2 जीबी तक पहुंच सकती हैं। फ्री फोन क्लीन सॉफ्टवेयर जंक और करप्ट फाइल को स्कैन करके रिमूव करता है। सीगेट के वायरलेस प्लस में 1 टेराबाइट स्पेस होता है। इससे डिवाइस को वायर और वायरलेस दोनों तरह से कनेक्ट किया जा सकता है। यह खुद का वाई-फाई हॉटस्पॉट जेनरेट करता है, जिससे सीगेट ऐप के जरिए कनेक्ट हुआ जा सकता है।




    मैप नहीं चल रहा है? एक समय था, जब गूगल मैप्स iOS की डिफॉल्ट मैपिंग सर्विस थी। फिर ऐपल ने इसको ऐपल मैप्स से रिप्लेस कर दिया। इसे अमेरिका में इस्तेमाल करने में कोई दिक्कत नहीं होती, लेकिन भारत में बहुत सी डीटेल्स गायब होती हैं। यहां गूगल मैप्स बेस्ट ऑप्शन है। इसमें लाइव ट्रैफिक और वॉइस गाइडेड, टर्न-बाइ-टर्न नैविगेशन है। इसे ऑफलाइन इस्तेमाल के लिए कैश (cache) में भी डाला जा सकता है। फ्री कम्यूनिटी बेस्ड वेज (Waze) ऐप भी रियल टाइम ट्रैफिक, वॉइस गाइडेड नैविगेशन और मैप्स देता है।
    आसान फाइल और डेटा ट्रांसफर आईट्यूंस के कई ऑल्टरनेटिव्स हैं, जिनकी मदद से डिवाइस सिंक और मल्टिमीडिया मैनेज किया जा सकता है। www.imobie.com/phonetrans पर फ्री फोनट्रांस म्यूजिक ट्रांसफर करने में मदद करता है। इसके दूसरे ऑल्टनेटिव में www.mediamonkey.com का मीडिया मंकी, www.i-funbox.com का आईफनबॉक्स और www.copytrans.net का कॉपीट्रांस शामिल है।



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