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    त्वचा कैंसर कैसे पहचानें।


    त्वचा का कैंसर क्या होता है?

    त्वचा कैंसर में त्वचा की कोशिकाएं जरूरत न होने पर भी नई कोशिकाओं में बदलती रहती हैं। पुरानी कोशिकाओं को नई कोशिकाओं में बदलना शरीर के लिए सामान्य बात है। लेकिन अगर नई कोशिकाओं की जरूरत न होने पर भी त्वचा की कोशिकाएं विभाजित होती रहती हैं तो त्वचा कैंसर हो जाता है। त्वचा कैंसर का जोखिम उन लोगों में अधिक होता है जो कि निम्नलिखित श्रेणी में आते हैं : 



    धूप में अधिक समय बिताते हैं।
    त्वचा कैंसर से पीड़ित लोगों के साथ रहते हैं।
    शरीर में ख़ास प्रकार या अधिक संख्यां में मस्से हैं।
    त्वचा ऐसी हो जिस पर धूप में जलन या झाइयां पड़ जाती हों।
    हल्के रंग की त्वचा, बाल और आँखें हैं।
    त्वचा कैंसर के मुख्य रूप से तीन प्रकार होते हैं :

    1) बेसल सेल कार्सिनोमा (BCC) - यह त्वचा कैंसर समसे सामान्य होता है। यह कैंसर त्वचा की सबसे निचली परत की मूल कोशिकाओं में बढ़ता है। यह धीरे धीरे बढ़ता है और शरीर के अन्य भागों में फैलता है। शुरू में ही इसका इलाज कराना जरूरी है। यह कैंसर शरीर के उन भागों में होता है जो कि धूप में अधिक आते हैं जैसे चेहरा, कान, खोपड़ी आदि। नीचे त्वचा के कुछ ऐसे धब्बों और जख्मों के बारे में बताया है जो कि इस तरह का कैंसर हो सकते हैं :
    चमकदार या मोती जैसे गाँठ 
    घाव जो ठीक हो जाता है और दुबारा हो जाता है।
    गुलाबी, हल्की उभरी हुई गाँठ।
    त्वचा पर लाल, प्रदाह वाले धब्बे।
    मोम जैसा धब्बा।
    2) सकवैमस सेल कार्सिनोमा (SCC) - यह कैंसर त्वचा की उपरी परत की बाहरी कोशिकाओं में होता है। इस तरह का कैंसर मुंह के भीतर भी हो सकता है। इस कैंसर का शुरू में ही इलाज करवा लेना चाहिए, नहीं तो कैंसर के फैलने पर अधिक कठिनाई होती है। यदि आपकी त्वचा पर लाल मूल वाले पपड़ीदार या चमड़ी जैसे धब्बे हो उन पर गौर करें, यह इस तरह का कैंसर हो सकते  हैं।

    3) मेलानोमा - इस तरह का कैंसर त्वचा को रंग देने वाली कोशिकाओं में शुरू में होता है। यह शरीर के अन्य अंगों में भी फैल सकता है। इस तरह के कैंसर का शुरू में ही जल्दी इलाज करायें नहीं तो यह कैंसर शरीर के अन्य भागों में फैल सकता है। नीचे शरीर के कुछ ऐसे मस्सों के बारे में लिखाया गया है जो कि इस तरह का कैंसर हो सकते हैं
    मस्से का आधा भाग दूसरे भाग से मेल नहीं खाता।
    मस्से के किनारे वाले भाग आस्मां और खुरदुरे हों ।
    मस्से के रंग में एक से अधिक शेड हों। 
    इस प्रकार के कैंसर के मस्सों में खुजली, सूखापन, गाँठपन, सुजन या कोमलता हो सकती है।
    मस्से का आकार पेन्सिल कि रबड़ से बड़ा हो या इसके आकार में कोई बदलाव आता हो।

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