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Tally सीखे हिंदी में। - Tally में लेजर बनाये,एक से अधिक लेजर बनाये एवं लेजर का ग्रुप बनाये।






1. लेजर बनाएँ।
2. एक से अधिक लेजर बनाए।
3. लेजर का ग्रूप बनाएँ।


Ledgers/ Accounts:जनल एंट्रीज करने से पहले हम लेजर बनान होता है | लेजर एक तरह के अकाउंट होता है, जिनकी मदद से हम वाउचर एंट्रीज करते है | उदाहरण के लिए Sahayog Traders a/c, Bank A/c आदि.
Goups:ग्रूप एक हि तरह के लेजर्स का संग्रह होता है | हम एक ही तरक लेजर्स का कंपनी पर प्रभाव देखन के लिए इन ग्रूप को बनात है | उदाहरण के लिए सभी सेल्स लेजर को Sales account ग्रूप में लेत है |
Predefined Groups of Accounts : Tally.ERP 9 में पहले से ही 28 पूर्व निधारित ग्रूप होता है| जिसम से 15 मुख्य या प्राथमिक ग्रूप और 13 सब-ग्रूप होता है |
Create Accounts/Ledger : लेजर बनाने के लिए - Getway of Tally---------Accounts ------- Create Info. ---Leadger --SingleLedger----


लेजर कि इस विंडो में निचे के हेडस है -
Name:यहाँ पार्टी का / लेजर का नाम दर्ज करे।
Alia: अगर आप उपनाम / नाम देना चाहते है तो यहाँ दे|
Under: यह लेजर जिस ग्रूप के नीचे आता आता है उसको सिलेक्ट करे|
Inventory Values are Affected:अगर आप invantri मेन्टेन करे रह है और इस लेजर के ट्रांजेक्शन invanri पर असर करग तो यहाँ Yes दे|
Address: का पता दर्ज करे|
State:लिस्ट स्टेट्स को सिलेक्ट करे|
Pin Code: पिन कोड दर्ज करे|






Opening balance: अगर कोइ ओपनिंग बैलेंस है तो यहाँ दर्ज करे| यहाँ अकाउंट ग्रुप और उनके संभव लेजर की लिस्ट है –
S.N.ParticularsDetails
1Bank Accounts
(Do not take banks from which we take loan)
For Saving & Current Accounts
2Bank OCC(Overdreft
and Cash Credit)
& Bank OD A/c
Accounts of Bank Overdreft in any
3Branch/DivisionAccounts of any branch or division of
business
4Capital AccountAccounts for Capital
5Cash-in-HandFor Cash A/c, Petty Cash
6Current AssetsFor Assets A/c which are of Short Period
or regurlarly fluctuating value like Bills
Receivable,
7Current Liabilitiesliabilities which are of short period likes
Bills Payable.
8Deposite AssetsFor Fixed Deposite in Bank or any Bonds
9Direct Expenses &
Expenses ( Direct )
Expenses which effets directly on
Production or Gross Profit like Factory
Rent, Wages etc.
10Direct Incomes &
Income (Direct )
Incomes which affets directly on
Production or on Gross Profit
11Duties & TaxesFor A/c like VAT, Excise duty, Sales Tax,
Income Tax come under this group.
12Expenses Indirect &
Indirect (Expenses )
Expenses under administration come
under this group like Advetisement, Salaries etc.
13Income Indirect &
Indirect (Income )
Incomes like Commission received, Rent
received
14Fixed AssetsFor the assets which are of long period
come under this group like Machinary, Building etc.
15InvestmentFor investment in Shares, Bonds, Long
term Bank Deposite etc.
16Loans (Liability )For the long term loan taken form others
17Misc. Expenses
(Assets)
For the Assets which are before start
company
18ProvisionFor the Provision of Future expenses like
Income Tax, Depreciation
19Purchase A/cFor the accounts of Purchase &
Purchase ruturn
20Sales A/cFor the accounts of Sales & Sales Return
21Reserves & Surplus /
Retained Earning
For the accounts of Reserves like
General Reserve
22Stock - in - handFor Closing Stock
23Sundry CreditorFrom whom purchased goods on Credit
24Sundry DebtorTo whom sold goods on Credit.
25Suspense A/cFor the Accounts whous group we can't
decied
26Secured LoansFor long term and short term loan whic is
taken against security of some assets
27Unsecured LoansFor loans obtained without any security.

लेजर स्क्रीन में निम्नलिखित आप्शन उपलब्ध है -
Display – यहाँ बनाए लेजर की लिस्ट दिखती है |
Alter – यहाँ से आप लेजर में बदल करे सकते है |
Delete ledger – आप Alter स्क्रीन पर Alt+D कि प्रेस करके कोई भी लेजर डीलीट कर सकते है |
Create Multiple Ladgers:अगर आप जल्दी से एक ही ग्रूप में कई लेजर बनाना चाहते है तो यह आप्शन चुने





Under group: जो ग्रूप के निचे यह लेज़र बनाना है वह ग्रूप सिलेक्ट करे|
Create New Group:
Group: एक ही नचेर के लेजर्स का कलशन को ग्रुप कहा जाता है | टैली में पहले से ही कइ ग्रूप बने होते है, लेकिन अगर आपको खुद का कोई ग्रूप बनाना है तो -
Getway of Tally ----Account Info.----- Groups------Single Group----- Create




यहाँ निचे की जानकारी को भरे –
1) Name: ग्रूप का नाम यहाँ एंटर करे|
2) Alias: रेफरेन्से के लिए अगर आप अलग नाम चाहते है तो यहाँ दे|
3) Under: टैली में पहले से ही डीफाइन ग्रूप में से काई भी पैरेंट ग्रूप को सिलेक्ट करे|
4) Group behaves like a Sub-Ledger: अगर आपने यहाँ Yes सिलेक्ट किया तो यह यह ग्रूप लेजर के लिए कंट्रोल अकाउंट कि तरह काम करगा| यानी सिफ ग्रूप का बैलेंस दिखेगा नाकि लेजर के हिसाब से|
5) Nett Debit/Credit Balances for Reporting:अगर आपने यहाँ Yes सिलेक्ट किया तो Trial Balance में अलग डिबट और क्रेडिट बैलेंस कि जगह इस ग्रूप की नट अमाउंट दिखेगी|
6) Used for calculation: अगर आप इस ग्रूप के एकाउंटिंग करते समय ड्यूटी और टास्क को लागू करना चाहते है तो यहाँ Yes सेक्लेक्ट करे|


Alter Group: ग्रूप तयार करने के बाद अगर आपको इसमें बदलाव करना है तो Single and Multiple Groups से After को सिलेक्ट करे|

Delete Group:किसी ग्रूप को डीलीट करने के लिए Alt + D प्रेस करे| लेकिन ग्रूप को डीलीट करने से पहले इसके सभी लेजर्स को डीलीट करना होगा|





Exercise:1 अब निचे दिए गय लेजर बनाए| इसकी वाउचर एंट्री आप चैप्टर न. 5 के एक्सरसाइज 2 में देखेंगे|

Sr. No.LedgerGroup
1Capital A/cCapital Account
2Vehical A/cFixed Assets
3Furniture A/cFixed Assets
4Bank of IndiaBank Account
5Purchase A/cPurchase A/c
6Sales A/cSales A/c
7Sujit A/cSundry Debtors
8Telephone Bill A/cIndirect Expenses
9Commission Rec. A/cIndirect Income
10Himanshu SalesSundry Creditors
11Purchase Return A/cPurchase A/c
12Salary A/cIndirect Income
13Janta Bank A/cLoans (Liability)
14Advertisement Exe. A/cIndirect Expenses
15Office Rent A/cIndirect Expenses
16Dhiraj A/cSundry Debtor
17Sales Return A/cSales Account
18Electricity Bill A/cIndirect Expenses
19Vehical Depreciation A/cDepriciation
20Furniture Depreciation
A/c
Depriciation
21Bills Receivable A/cCurrent Assets
22Kishor A/cSundry Creditor
23Bills Payable A/cCurrent Liability
24Mandar A/cSundry Debtor
25Sum Microsystem A/cSundry Debtor



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