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    ऑस्ट्रेलियाई खिलाडी शेन वार्न :- जिसकी गेंदबाज़ी से डरते थे बड़े- बड़े दिग्गज।






    शेन वार्न एक ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट खिलाड़ी हैं । उनका जन्म 13 सितंबर 1969 को फ़ेर्नट्री गॅली, विक्टोरिया में हुआ था । उन्हें क्रिकेट के इतिहास के सर्वश्रेष्ठ लेग स्पिन गेंदबाज़ों में से एक माना जाता है |
    वार्न पूरे 6 फ़ीट लंबे हैं और वे दायें हाथ से बल्लेबाज़ी व गेंदबाज़ी करते हैं । उन्होंने 1992 में टेस्ट क्रिकेट खेलना शुरू किया और जनवरी 2007 में अंतर्राष्ट्रीय व टेस्ट क्रिकेट दोनों से सन्यास ले लिया। तथापि, वे अब भी हैंपशॉयर (इंग्लैंड) के कप्तान के रूप में खेलते हैं और भारतीय प्रीमियर लीग (आई पी एल) में प्रमुख खिलाड़ी के रूप में शामिल होंगे।


    वार्न ने अपना पहला बड़ा क्रिकेट मैच 15 फ़रवरी 1991 को विक्टोरिया के लिये मेल्बॉर्न जंक्शन ओवल में खेला - इस मैच में उनके प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें ऑस्ट्रेलिया बी टीम में खेलने के लिये चुना गया और उसके बाद वे जल्द ही ए टीम और फिर ऑस्ट्रेलियाई टेस्ट टीम के लिये चुने गये । टेस्ट खिलाड़ी के रूप में उनका पहला साल कुछ ख़ास नहीं था । यही हाल दूसरे साल के शुरू में भी जारी रहा । परंतु श्रीलंका के ख़िलाफ़ एक महत्त्वपूर्ण मैच में अपने प्रदर्शन के कारण वे टीम में बने रहने में कामयाब हुए और फिर 26 रन प्रति विकेट के गेंदबाज़ी के औसत के साथ वे अपने समय के सर्वाधिक प्रसिद्ध, और सबसे ख़तरनाक, गेंदबाज़ों में से एक बन गये ।




    खिलाड़ी के रूप में रिकॉर्ड
    शेन वार्न ने अपने खेल-जीवन के दौरान 145 टेस्ट मैचों में भाग लिया । दिसंबर 1991 में अपने टेस्ट जीवन की शुरूआत में उन्होंने भारत के ख़िलाफ़ तीसरे टेस्ट-मैच में पीटर टेलर से गेंदबाज़ी की पारी ली । उनका प्रदर्शन बहुत ही बुरा रहा - उन्होंने अपनी पहली सीरीज़ में 45 ओवरों में गेंदबाज़ी की जिसमें उन्होंने 150 रन देकर 1 विकेट और 228 रन देकर 1 विकेट लिया । उनकी दूसरी सीरीज़ की शुरूआत भी कमज़ोर रही | परंतु उन्होंने अपने प्रदर्शन में सुधार किया और नतीजतन अपनी टीम को एक महत्त्वपूर्ण मैच में हार से बचा लिया - कोलंबो में श्रीलंका के ख़िलाफ़ दूसरी पारी में 11 रन देकर 3 विकेट लिये - इस तरह उन्होंने अपनी टीम को मैच हारने से बचा लिया और शायद इसी की बदौलत टेस्ट क्रिकेट में अपना स्थान भी बनाये रखा ।
    बाकी का साल भी उन्होंने अपने खेल-कौशल में सुधार दिखाया और जल्द ही वे अपने समय के सबसे अधिक सम्मानित लेग-स्पिन गेंदबाज़ों में से एक बन गये । चूंकि लेग-स्पिन गेंदबाज़ी ठीक से कर पाना बहुत कठिन है इसलिये इसे एक ख़त्म होती कला समझा जाता था और तेज़ गेंदबाज़ी आसान और अधिक शक्तिशाली मानी जाती थी। वार्न की गेंदबाज़ी से बड़े-बड़े दिग्गज डरने लगे- कुछ बल्लेबाज़ों को परेशान कर वे उन पर मानसिक नियंत्रण बना लेते थे और निस्संदेह यह उनके गेंदबाज़ी के कौशल जितना ही महत्त्वपूर्ण था ।
    वार्न की गेंदबाज़ी से बड़े-बड़े दिग्गज डरने लगे- कुछ बल्लेबाज़ों को परेशान कर वे उन पर मानसिक नियंत्रण बना लेते थे और निस्संदेह यह उनके गेंदबाज़ी के कौशल जितना ही महत्त्वपूर्ण था ।
    खेल-जीवन के दौरान उन्हें कई सम्मान प्राप्त हुए - 1994 में उन्हें साल का बेहतरीन विस्डन क्रिकेटर, 2000 में साल का बेहतरीन एक-दिवस अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी और 2006 में साल का बेहतरीन टेस्ट खिलाड़ी चुना गया । उन्हें सन् 2000 में पूरी सदी के बेहतरीन पाँच विस्डन क्रिकेटरों में से एक के रूप में भी चुना गया ।




    21 दिसंबर 2006 को एडिलेड के ऐशेज़ मैदान में इंग्लैंड के ख़िलाफ़ एक बेहतरीन प्रदर्शन करने के केवल पाँच दिन बाद वार्न ने टेस्ट क्रिकेट से सन्यास लेने की घोषणा की । उनका अंतिम मैच भी सिडनी के एस सी जी में इंग्लैंड के ख़िलाफ़ था - इसमें उन्होंने अपना 1000वां अंतर्राष्ट्रीय विकेट लिया और इसके साथ ही अपना टेस्ट जीवन उसी जगह समाप्त किया जहाँ से उन्होंने 15 साल पहले इसकी शुरूआत की थी ।
    भारतीय प्रीमियर लीग में शेन वार्न
    हालांकि शेन वार्न एक ख़तरनाक गेंदबाज़ हैं जिन्होंने अपने सामने खेलने वाले कई खिलाड़ियों को पिच पर अपनी आक्रमक शैली और मानसिक खेलों से डराया है इसके बावजूद वे एक लोकप्रिय खिलाड़ी हैं जिन्हें खेल-प्रशंसक व साथी क्रिकेटर दोनों ही पसंद करते हैं ।
    हाल ही में दक्षिण-अफ़्रीकी टीम के कप्तान ग्रेम स्मिथ ने वार्न की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे भारतीय प्रीमियर लीग के पहले मैच में वार्न के साथ खेलने का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं ।
    "मैं और शेन वार्न एक ही टीम में होंगे," स्मिथ ने कहा, "यह एक अद्वितीय चुनौती होगी क्योंकि हम अतीत में एक दूसरे एक प्रतिस्पर्धी रह चुके हैं और अब हम एक ही टीम में होंगे। यह एक अच्छी संकल्पना है और एक खिलाड़ी के तौर पर हम इसका बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं ।"
    आई पी एल एक बहुत पैसा बनाने वाला, सीमित ओवरों का टूर्नामेंट है जो 44 दिन तक चलेगा । इस टूर्नामेंट में जॉक कैलिस, मखाया न्तिनी व शौन पॉलोक जैसे कई दिग्गज खिलाड़ी भाग लेंगे ।



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