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प्रेग्नेंट नहीं होने के कारण : शरीर में प्रोजेस्टेरोन की कम मात्रा



प्रेग्नेंट नहीं होने के कारण : शरीर में प्रोजेस्टेरोन की कम मात्रा

(Pregnant na hone ke karan : Body me progesterone ki matra kam hona)

अंडे के निषेचन के बाद उसके गर्भाशय से जुड़ने और विकसित होने में प्रोजेस्टेरोन हॉर्मोन की अहम भूमिका होती है। ओवुलेशन के बाद अंडे का कोष, कोर्पस ल्युटियम बन जाता है और प्रोजेस्टेरोन हॉर्मोन बनाने लगता है। इस प्रक्रिया में कोई रुकावट आने पर इस हॉर्मोन की मात्रा कम हो जाती है और आप गर्भवती नहीं हो पाती हैं।

अगर आप गर्भधारण कर भी लेती हैं, तब भी प्लेसेंटा और भ्रूण का विकास नहीं होता है और वह मर जाता है या गर्भपात हो जाता है। कुछ अन्य स्थितियों में भी ऐसा हो सकता है।

इससे राहत कैसे पाएं?

इस स्थिति में, डॉक्टर आपको प्रोजेस्टेरोन हॉर्मोन की गोलियां दे सकते हैं या फिर आपकी योनि व गर्भाशय में प्रोजेस्टेरोन के इंजेक्शन लगा सकते हैं। इससे गर्भाशय में भ्रूण के विकास के लिए, रक्त से भरपूर परत बनने में मदद मिलती है।

8. प्रेग्नेंट नहीं होने के कारण : सर्वाइकल म्यूकस संबंधी समस्या

(Pregnant na hone ke karan : Cervical mucus se judi problems)

ओवुलेशन के समय सर्वाइकल म्यूकस (गर्भाशय के मुंह पर मौजूद म्यूकस) बिल्कुल पानी की तरह पतला व लिसलिसा हो जाता है और शुक्राणुओं को अंडे तक पहुंचाने में मदद करता है। सर्वाइकल म्यूकस में गड़बड़ी होने पर, ये शुक्राणुओं को अंडे तक नहीं जाने देता है या उनका सर्विक्स को पार करना मुश्किल कर देता है और आप गर्भवती नहीं हो पाती हैं। कई मामलों में तो यह म्यूकस शुक्राणुओं को मार भी देता है।

आमतौर पर ऐसा सर्विक्स (गर्भाशय के मुंह) में संक्रमण होने पर या किसी सर्जरी की वजह से सर्विक्स छोटी होने की वजह से होता है।

इससे राहत कैसे पाएं?

इससे राहत पाने के लिए आपको डॉक्टर के पास जाना चाहिए। वो लक्षणों व सर्विक्स की जांच करके समस्या का सही इलाज कर पाएंगे। इसके बाद भी गर्भधारण ना हो पाने पर आप कृत्रिम गर्भाधान की तकनीकों की मदद ले सकती हैं।

9. प्रेग्नेंट नहीं होने के कारण : थायरॉइड

(Pregnant na hone ke karan : Thyroid in hindi)

आपके गले के सामने की तरफ तितली के आकार की एक ग्रन्थि होती है, जिसे थायरॉइड ग्रन्थि कहते हैं और ये थायरॉइड हॉर्मोन बनाती है। यह हॉर्मोन आपके शरीर के तापमान, ओवुलेशन आदि को नियंत्रित करता है। जब यह ग्रन्थि सामान्य से कम या ज्यादा मात्रा में हॉर्मोन बनाने लगती है, तो इससे अनियमित मासिक धर्म व ओवुलेशन ना होने जैसी समस्याएं पैदा हो जाती हैं और आप गर्भवती नहीं हो पाती हैं।

थायरॉइड हॉर्मोन की अधिकता से आपका मासिक धर्म लगातार तीन महीने या इससे ज्यादा समय तक बंद हो सकता है।

थायरॉइड हॉर्मोन की कमी होने से एस्ट्रोजन व प्रोजेस्टेरोन हॉर्मोन का स्राव कम हो जाता है और इससे अनियमित ओवुलेशन व गलत अंडा बाहर निकलने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। साथ ही, इसकी वजह से आपको पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम भी हो सकता है, जो आपके गर्भवती ना होने की एक अन्य प्रमुख वजह हो सकती है।

इससे राहत कैसे पाएं?

आपको डॉक्टर के पास जाना चाहिए। वो कुछ जांचों के ज़रिए इस स्थिति की पुष्टि करके सही इलाज शुरू करेंगे। उचित इलाज की मदद से कुछ ही महीनों में आपका मासिक धर्म व ओवुलेशन नियमित हो सकता है और आप गर्भवती हो सकती हैं।

10. प्रेग्नेंट नहीं होने के कारण : वीर्य संबंधी परेशानी

(Pregnant na hone ke karan : Virya sambandhi pareshani)

गर्भवती होने के लिए आपके अंडे से एक स्वस्थ शुक्राणु का जुड़ना ज़रूरी होता है। मगर, आपके जीवनसाथी के वीर्य में समस्याएं (जैसे कम शुक्राणु होना, शुक्राणु कमज़ोर होना, शुक्राणुओं का आकार खराब होना आदि) होने पर, शुक्राणु का अंडे से मिलकर उसे निषेचित करना मुश्किल हो जाता है। इस स्थिति में, आपका गर्भधारण करना बहुत कठिन हो जाता है।

आपके जीवनसाथी के वीर्य में समस्याओं की मुख्य वजहें, उनका सिगरेट-शराब पीना या अन्य नशे करना, वजन अधिक होना, कुछ विशेष दवाएँ लेना, कोई बीमारी या आनुवंशिक समस्या होना और कोई यौन संक्रामक रोग होना, हो सकती हैं।

इससे राहत कैसे पाएं?

आपके जीवनसाथी को सभी तरह के नशे छोड़ने के लिए प्रेरित करें और एक्सरसाइज व अच्छे खानपान की मदद से वजन नियंत्रित करने की सलाह दें। साथ ही, उन्हें डॉक्टर के पास लेकर जाएं। उचित जांच करके वीर्य सम्बंधी समस्याओं की सही वजह का पता लगाया जा सकता है। ज़रूरत पड़ने पर, डॉक्टर उन्हें प्रजनन क्षमता बढ़ाने वाली दवाएं दे सकते हैं।

इसके अलावा, आपको कृत्रिम गर्भाधान करवाने की सलाह भी दी जा सकती है।

11. प्रेग्नेंट नहीं होने के कारण : वीर्य की नली बंद होना

(Pregnant na hone ke karan : Virya nali band hona)

पुरुषों के अंडकोषों को वीर्य की थैली से जोड़ने वाली नली वीर्य में परिपक्व शुक्राणु मिलाने का काम करती है। इस नली में रुकावट पैदा होने पर, वीर्य में शुक्राणु नहीं मिल पाते हैं और आपको गर्भवती होने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

यौन संक्रामक रोग (जैसे गोनोरिया, क्लेमाइडिया आदि), जन्मजात दोष या जननांगों में किसी प्रकार की चोट लगने की वजह से, आपके जीवनसाथी की वीर्य की नली में रुकावट आ सकती है।

इससे राहत कैसे पाएं?

वीर्य नली की रुकावट को दूर करने के लिए, डॉक्टर आमतौर पर छोटी सर्जरी की मदद लेते हैं। इससे वीर्य में परिपक्व शुक्राणु दोबारा आने लगते हैं।

गर्भवती होने में थोड़ा समय लगना सामान्य है, इसलिए निराश हुए बिना लगातार प्यार भरी कोशिशें करती रहें। लेकिन, अगर छह महीने से लेकर एक साल तक लगातार कोशिश करने के बावजूद आप गर्भधारण ना कर पाएं, तो इसके पीछे कुछ मेडिकल यानी चिकित्सकीय कारण हो सकते हैं।

अगर आपको प्रजनन तंत्र से जुड़ी कोई समस्या है, तो हिम्मत ना हारें। आज तकनीक बहुत आगे पहुंच चुकी है और इसकी मदद से लगभग हर समस्या को ठीक किया जा सकता है। मगर, सही इलाज के लिए आपकी समस्या की सही पहचान करना ज़रूरी है। इसलिए उचित समय पर डॉक्टर से मिलें और उनकी सलाह का पालन करें। नीम हकीम के चक्कर में ना पड़े

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